21/04/2015

ना जाने कब...

ना जाने कब वो हसीन रात होगी,
जब उनकी निगाहें हमारी निगाहों के साथ होंगी,
बैठे हैं हम यूयेसेस रात के इंतेज़ार में,
जब उनके होंठो की सुर्खिया हमारे होंठो के साथ होंगी!

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